Essay on Dussehra in Hindi – विजयादशमी और दशहरा पर निबंध

About Dussehra in Hindi

दशहरा भारत में सबसे लोकप्रिय त्यौहार में से एक है। यह त्यौहार विजयादशी के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह दुर्गा पूजा का अंतिम दिन है।दशहरा में हर साल लोग एक साथ शामिल होते हैं और भगवान राम धनु द्वारा रावण को मार देते हैं।

इस त्यौहार का मतलब है कि दुनिया से बुराई का अंत।

Essay on Dussehra in Hindi

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Essay on Dussehra in Hindi Under 200 Words

‘विजयादशमी’ हिंदुओं का प्रमुख पर्व है। इसे ‘दशहरा’ भी कहते हैं। सभी बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। विजयादशमी का संबंध ‘शक्ति’ से है। जिस प्रकार ज्ञान के लिए सरस्वती की उपासना की जाती है उसी प्रकार शक्ति के लिए दुर्गा की उपासना की जाती है।

कहा जाता है कि अत्याचार करनेवाले ‘महिषासुर’ नामक राक्षस का उन्होंने संहार किया था। इसके लिए उन्होंने ‘महिषासुरमर्दिनी’ का रूप धारण किया था। दुर्गा ने ही शुंभ-निशुंभ नामक राक्षसों को मारा था। उन्होंने चामुंडा का रूप धारण करके चंडमुंड राक्षसों का वध किया। श्रीरामचंद्र ने दुर्गा माँ की पूजा करके ही रावण का वध किया था। इसलिए बंगाल में तथा कुछ अन्य क्षेत्रों में भी इस पर्व को ‘दुर्गा पूजा’ के नाम से भी जाना जाता है।

विजयादशमी का त्योहार दस दिनों तक चलता रहता है। आश्विन मास शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से इसका आरंभ होता है। दशमी के दिन इसकी समाप्ति होती है। प्रतिपदा के दिन प्रत्येक हिंदू परिवार में देवी भगवती की स्थापना की जाती है। गोबर से कलश सजाया जाता है। कलश के ऊपर जौ के दाने खोंसे जाते हैं। आठ दिनों तक नियमपूर्वक देवी की पूजा, कीर्तन और दुर्गा-पाठ होता है। नवमी के दिन पाँच कन्याओं को खिलाया जाता है। उसके बाद देवी की मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। इस उत्सव को ‘नवरात्र’ भी कहते हैं। इन नौ दिनों में पूजा करनेवाले बड़े संयम से रहते हैं। दशमी के दिन विशेष उत्सव मनाया जाता है। इसे ‘विजयादशमी (दशहरा) कहते हैं। दशहरा दस पापों को। नष्ट करनेवाला माना जाता है।

Essay on Dussehra in Hindi Under 250 Words

दशहरा बड़े उत्साह से मनाया जाता है । दशहरे को विजय दशमी भी कहते हैं । यह त्यौहार आश्विन महीने की दशमी (दसवीं) की तिथि को होता है । इस समय वर्षा ऋतु के बाद शरद ऋतु शुरु होती है।

इन दिनों चावल और गन्ने के खेत लहलहा रहे। होते हैं। किसान बड़े प्रसन्न होते हैं। | श्री रामचन्द्र जी ने लंका पर चढ़ाई करके दशमी के दिन रावण पर विजय प्राप्त की थी। इसलिए इसे | विजयदशमी कहते हैं। उसी विजय की खुशी हम मनाते हैं।

पुराने समय में राजा लोग वर्षा ऋतु बीतने पर। इस समय से शत्रु पर चढ़ाई किया करते थे। | दशहरे से पहले आठ दिन तक रामलीला होती है। दशहरे के दिन एक बड़े खुले मैदान में बड़े-बड़े रावण, कुंभकरण, मेघनाद बनाकर जलाए जाते हैं । लंका को भी आग लगाई जाती है । गोले चलते हैं। आतिशबाजियां चलती हैं। इससे पहले एक ओर से राम, लक्ष्मण, हनुमान तथा वानर सेना आती है। दूसरी ओर से रावण आदि राक्षस आते हैं। उनका युद्ध होता है। बहुत बड़ा मेला लगता है।

बंगाल में इस दिन दुर्गा-पूजा का उत्सव मनाया जा है। दशहरा मनाने से श्री रामचन्द्र, लक्ष्मण, हनुमान आदि की वीरता और विजय का संस्कार बच्चों के हृदय पर बहुत पड़ता है। वे राम, लक्ष्मण की तरह धनुष-बाण लेकर युद्ध के खेल खेला करते हैं।

Essay on Dussehra in Hindi Under 500 Words

दशहरा हिन्दुओं के प्रसिद्ध त्यौहारों में से एक है। दशहरा शब्द दशहरा से मिलकर बना है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने इस दिन रावण के दस सिरों का वध न्याय, धर्म और सत्य की रक्षा के लिए किया था। इसीलिए यह दिन दशहराकहलाया और इसी याद में यह त्यौहार प्रतिवर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की | दशमी को विजय दशमी के रूप में मनाया जाता है। यह अधर्म पर धर्म की तथा अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है।

भारतवर्ष में दशहरे के दस दिन पूर्व से (नवरात्रों में) श्री राम की लीला का अद्भुत प्रदर्शन होता है। इस दिन श्रीराम तथा रावण के युद्ध का प्रदर्शन होता है जिसमें रावण मारा जाता है तथा श्रीराम की विजय होती है। अन्त में रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के आतिशबाजी युक्त पुतलों को जलाया जाता है। इस दिन सारे भारत में अनेक विशाल मेलों का आयोजन होता है। बच्चे, बूढ़े स्त्री-पुरुष सभी नए वस्त्र धारण करके इन मेलों का आनन्द लेने जाते हैं।

बंगाल में लोग इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। वहाँ नवरात्रों में नौ | दिन तक महिषासुर मर्दिनी कालिका का पूजन होता है।

विजय दशमी के दिन माँ दुर्गा की प्रतिमा को नदी अथवा समुद्र में विसर्जित कर दिया जाता है। अनेक | भक्त-जन नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। | यह दिन, अनेक कार्यों के लिए शुभ माना जाता रहा है। प्राचीन काल में यातायात के साधन सुलभ नहीं होते थे। अतः व्यापारी, यात्री, साधु तथा सैनिक अपनी यात्रा इस दिन को शुभ मान कर प्रारम्भ करते थे। मराठे तथा राजपूत इसी दिन शत्रु पर चढ़ाई करते थे। योद्धा अपने शस्त्रास्त्रों एवं घोड़ों की पूजा करते थे। हिन्दू स्त्रियाँ इस दिन घर की सफाई आदि करके दशहरे के पूजन के बाद अपने भाइयों के कानों में नौरतें’ टाँगती हैं जो भाई-बहिन में स्नेह का प्रतीक है। इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था जिस कारण इस पर्व का महत्त्व और भी अधिक बढ़ जाता है।

दशहरा भारतीय समाज में एक नई स्फूर्ति, नया जीवन तथा नए उत्साह का सचार करता है। इस पर्व से हमें यही शिक्षा मिलती है कि सर्वदा सत्य की विजय तथा असत्य की पराजय होती है। अर्थात् अन्याय व अत्याचार को सहन करना महान दुर्बलता, नपुंसकता तथा पाप है। यह पर्व सदा से राष्ट्र के उत्थान तथा समाज की प्रगति में सहायक रहा है।

Essay on Dussehra in Hindi Under 600 Words

दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष में दस दिनों तक मनाया जाता है। इन दिनों माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। त्योहार का अंतिम दिन विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। असत्य पर सत्य की जीत इस त्योहार का मुख्य संदेश है।

माँ दुर्गा शक्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं। जीवन में शक्ति का बहुत महत्त्व है, इसलिए | भक्तगण माँ दुर्गा से शक्ति की याचना करते हैं। पं. बंगाल, बिहार, झारखंड आदि प्रांतों में महिषासुर मर्दिनी माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। नौ दिनों तक दुर्गासप्तशती का पाठ चलता रहता है। शंख, घड़ियाल और नगाड़े बजते हैं। पूजा-स्थलों में धूम मची रहती है। तोरणद्वार सजाए जाते हैं। नवरात्र में व्रत एवं उपवास रखे जाते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है। प्रसाद बाँटने और लंगर चलाने के कार्यक्रम होते हैं।

उत्तर भारत के विभिन्न प्रांतों में रामलीला का मंचन होता है। कहा जाता है कि विजयादशमी के दिन भगवान राम ने लंका नरेश अहंकारी रावण का वध किया था।

रावण अत्याचारी और घमंडी राजा था। उसने राम की पत्नी सीता का छल से अपहरण | कर लिया था। सीता को रावण के चंगुल से मुक्त कराने के लिए राम ने वानरराज सुग्रीव से मैत्री की। वे वानरी सेना के साथ समुद्र पार करके लंका गए और रावण पर चढ़ाईर दी। भयंकर युद्ध हुआ। इस युद्ध में मेघनाद, कुंभकर्ण, रावण आदि सभी वीर योद्धा मारे गए। राम ने अपने शरण आए रावण के भाई विभीषण को लंका का राजा बना | दिया और पत्नी सीता को लेकर अयोध्या की ओर प्रस्थान किया। रामलीला में इन

घटनाओं का विस्तृत दृश्य दिखाया जाता है। इसके द्वारा श्रीराम का मर्यादा पुरुषोत्तम रूप उजागर होता है। | रामलीलाओं के साथ-साथ अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। स्थान-स्थान पर मेलों का आयोजन किया जाता है। बच्चे मेले में उत्साह के साथ भाग लेते हैं। वे झूला झूलते हैं और खेल-तमाशे देखते हैं। हर तरफ़ उत्साह और उमंग मचा रहता है। विजयादशमी के दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन का कार्यक्रम होता है। इसमें हजारों लोग भाग लेते हैं। पुतले जलाकर लोग बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दोहराते हैं। इस अवसर पर आकर्षक आतिशबाजी भी होती है। फिर लोग मिठाइयाँ खाते और बाँटते हैं।

विजयादशमी के दिन माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्यक्रम होता है। ट्रकों और ट्रॉलियों पर प्रतिमाएँ लाद कर लोग गाजे-बाजे के साथ चलते हैं। लोग भारी संख्या में इस जलूस में शामिल होते हैं। प्रतिमाएँ विभिन्न मार्गों से होते हुए किसी नदी या सरोवर के तट पर ले जायी जाती हैं। वहाँ इनका विसर्जन कर दिया जाता है। इस । तरह दस दिनों तक चलनेवाला उत्सव समाप्त हो जाता है।

दशहरा भक्ति और समर्पण का त्योहार है। भक्त भक्ति-भाव से दुर्गा माता की आराधना करते हैं। नवरात्र में दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की पूजा होती है। दुर्गा ही आवश्यकता के अनुसार काली, शैलपुत्री, ब्रहमचारिणी, कुष्मांडा आदि विभिन्न रूप धारण करती हैं और आसुरी शक्तियों का संहार करती हैं। वे आदि शक्ति हैं। वे ही शिव पत्नी पार्वती हैं। संसार उन्हें पूजकर अपने अंदर की आसुरी शक्ति को नष्ट होने की आकांक्षा रखता है। दुर्गा रूप, जय, यश देती हैं तथा द्वेष समाप्त करती हैं। वे मनुष्य को धन-धान्य से संपन्न कर देती हैं।

भारत में हिमाचल प्रदेश में कुल्लू घाटी का दशहरा बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ का दशहरा देखने देश-विदेश के लोग आते हैं। यहाँ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास की त्रिवेणी देखने को मिलती है।

इस तरह दशहरा हर वर्ष आता है और लोगों में भक्तिभाव भर जाता है। पर्व-त्योहारों के माध्यम से लोग अपनी ऊब मिटाते हैं और अपने भीतर कार्य करने का नया उत्साह उत्पन्न करते हैं। (Essay on Dussehra in Hindi)

 

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